कृष्ण से बड़ा कोई पूर्ण पुरुष नहीं.
बचपन जिया तो ऐसा कि हरेक मां ने अपने बेटे को कन्हैया कहना शुरू कर दिया,
जवानी जी तो ऐसी कि प्रेम की मिसाल बन गए,
युद्ध रचाया तो ऐसा कि 5 निर्वासित लड़कों को विजेता बना दिया, और ज्ञान दिया तो गीता जैसा...
हमारी खुशी की कुंजी हमारे पास ही है. हमारी समस्याओं का समाधान हमारे पास ही है. इसके लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं है बल्कि खुद से खुद की पहचान कराने की जरूरत है. अपने अंदर और बाहर के तार को जोड़ने की जरूरत है. आइए Happy Science के जरिए मिलकर रास्तों को तय करते हैं, मुश्किलों को आसान बनाते हैं.
कृष्ण से बड़ा कोई पूर्ण पुरुष नहीं. बचपन जिया तो ऐसा कि हरेक मां ने अपने बेटे को कन्हैया कहना शुरू कर दिया, जवानी जी तो ऐसी कि प्रेम की मिसा...
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