इंसान के विचार ही उसकी दुनिया का निर्माण करते हैं. आपके सुख-दुख, आपकी शांति-अशांति सब आप पर निर्भर करती है. अगर आपने इन सबके लिए खुद को जिम्मेदार मानना शुरू कर दिया तो आपकी जिंदगी की कमान आपके हाथ में होगी और उसी वक्त से आपके आसपास सब कुछ बदलना शुरू हो जाएगा.
लोगों के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि बदलावों की शुरुआत कहां से करें? सबसे पहले तो हारने की चिंताएं छोड़ो क्योंकि इस दुनिया में न तो आप कुछ लेकर आए हो और न हीं कुछ लेकर जाओगे. कल सुबह आपका कैसा होगा आपको नहीं पता तो क्यों नहीं खुलकर जिंदगी की पारी खेल ली जाए. बस ये एटीट्यूड लाने की सबसे पहले जरूरत है.
आपके अंदर सकारात्मक बदलाव हों इसके लिए आपका स्वयं के साथ वार्तालाप करना बहुत जरूरी है. तभी आप पता लगा सकोगे कि वास्तव में आप कौन हो. आपको अपने जीवन से क्या चाहिए? आपके भविष्य की दिशा क्या होनी चाहिए. आपको इसके लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है और इस राह में चुनौतियां क्या-क्या हैं?
सही दिशा में बढ़ने के लिए जरूरी है कि मन को पहले इसके लिए तैयार किया जाए. मन को इसके लिए तैयार करने के लिए उसे भरपूर डोज की जरूरत होती है. ये कैसे होगा? अच्छी जगहों, अच्छी किताबों, अच्छे लोगों और एकांत में खुद से दोस्ती करके देखो, यहीं से बदलावों की एक श्रृंखला सी चल पड़ेगी. कभी खुद को किसी से कम मत समझो, किसी से खुद को कंपेयर मत करो.
एक मनुष्य के रूप में आत्मविकास करना आपका सबसे बड़ा लक्ष्य है. उसी दिशा में बस काम करते जाना है. अपने काम, अपने जीवन, परिवार और समाज में सहृदयता के साथ आगे बढ़ो. जो आपकी इस सकारात्मक यात्रा में साझेदार बनने योग्य हैं एक-एक कर कारवें में जुड़ते चले जाएंगे. लेकिन आपको पहले साहस करना होगा एक राह बनाने के लिए, उसपर अकेले चलने के लिए और किसी भी हद जाकर सफलता को हासिल करने के लिए. आपकी छोटी-छोटी आदतें बदलती जाएंगी और फिर एक ऐसी पर्सनैलिटी की निर्माण होगा जो अविजित होगा...
वो कहते हैं न- When you become fearless, life becomes limitless...

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