Saturday, 17 September 2022

हर एक संकट का हल होगा...

श्रीकृष्ण कहते है-

लोहा जितना तपता है, 

उतनी ही ताकत भरता है...

सोने को जितनी आग लगे 

वो उतना प्रखर निखरता है

हीरे पर जितनी धार लगे 

वो उतना खूब चमकता है

मिट्टी का बर्तन पकता है,

तब धुन पर खूब खनकता है 

सूरज जैसा बनना है तो, 

सूरज जितना जलना होगा

नदियों सा आदर पाना है तो 

पर्वत छोड़ निकलना होगा

और हम आदम के बेटे हैं 

क्यों सोचें राह सरल होगा

कुछ ज्यादा वक्त लगेगा पर 

संघर्ष जरूर सफल होगा

हर एक संकट का हल होगा 

वो आज नहीं तो कल होगा...

बस कर्म तुम्हारा कल होगा,

और कर्म में अगर सच्चाई है 

तो कर्म कहां निष्फल होगा

हर एक संकट का हल होगा

आज नहीं तो कल होगा...


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