Thursday, 17 November 2022

हाथ पर हाथ धरे न बैठे रहें...

भगवद्गीता में कहा गया है- इस संसार में सारी चीजें संभव हैं, बशर्ते आप उस पर विश्वास करें. तमाम विद्वान कहते हैं कि आप जैसा सोचते हैं, जैसा बोलते हैं वैसा होते चले जाते हैं, ब्रह्मंड आपके जीवन की परिस्थितियां उसी के अनुरूप करते चला जाता है. इसीलिए श्रीमदभगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कर्मयोग का मंत्र देते हैं. अर्थात मनुष्य का धर्म ही कर्म है... आप जो भी काम करते हों, आपका लक्ष्य जो भी हो उसे पाने के लिए आपको कर्म करना ही होगा.

अब मसला है कि जब बहुत सारे लोग कोशिशें करते हैं तो उनमें से कुछ ही क्यों सफल होते हैं? इसका कारण है कि सफलता की लहरों पर वही सवार होते हैं जो समय को साध लेते हैं. ज्यादातर लोग अपने जहाज के आने का इंतजार करते हैं लेकिन समझदार लोग अपने जहाज तक तैर कर जाते हैं. अर्थात असफलता उनके हाथ लगती है जो हाथ पर हाथ धरे इंतजार करते हैं कि एक दिन वे सफल होंगे.

लेकिन कर्मवाद का सिद्धांत ये कहता है कि सफलता उनके हाथ ही लगती है जो कर्मवाद के रास्ते पर चलता है यानी जो कोशिशें करता है. इसीलिए कहा गया है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

अंग्रेजी  की एक कहावत है- Struggle and Shine... अर्थात मुश्किल वक्त में जो लोग साहस का परिचय देते हैं वही इतिहास रचते हैं. सफलता की कुंजी यही है कि जब आप तलहटी में हों तो यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप आशा न छोड़ें बल्कि सकारात्मक मानसिकता बनाए रखें. क्योंकि अगर हारने के डर से खेलेंगे ही नहीं तो जीतेंगे कैसे?

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