Friday, 24 March 2023

लाइफ को रिफ्रेश-रिकनेक्ट करते रहें...


...लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती...

जीवन है तो मुश्किलें भी हैं. लेकिन ये आप पर निर्भर करता है कि आप मुश्किलों के आगे टूटकर बिखर जाते हैं या और मजबूत होकर निखरकर उनसे उबरकर सामने आते हैं. इसके लिए आपको सीखना होगा कि हालात कैसे भी हों आपको हार नहीं मानना है. जिंदगी आजमाइशें लाएगी लेकिन इनके सामने मुस्कराते हुए डट जाने वाला ही आखिरकार विजेता बनकर उभरता है. हमारे सामने अक्सर ये सवाल होता है कि मुश्किलें आएं तो क्या करें?

डेल कार्नेगी की ये लाइनें यहां काम आएंगी-

दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई हैं, जो तब भी प्रयास करते रहे हैं जब उन्हें कोई उम्मीद ही नहीं थी.



मतलब हालात कोई भी हों आपको लक्ष्य की ओर जुटे रहना है. आपको मुश्किलों के आगे हार नहीं मानना है बल्कि स्मार्ट तरीके से उन्हें अपने पक्ष में करने की स्किल डेवलप करनी होगी. इसे आसान शब्दों में ऐसे समझिए.

आपने मोबाइल और लैपटॉप जरूर चलाया होगा. सोचिए यदि आपका मोबाइल या लैपटॉप कुछ प्रॉब्लम करने लगे तो आप क्या करते हैं? उठे उठाकर फेंक देते हैं? नहीं! यदि आप समझदार हैं तो उसे रिफ्रेश करते हैं और वह फिर से सही से चलने लगता है. इसी प्रकार यदि आपका इंटरनेट समस्या करे तो आप उसे रिक्नेक्ट करते हैं. 

यही आपको अपने जीवन के गोल के साथ करना है. अनेकों प्रॉब्लम और फेल्योर के चलते आपका आपके गोल के साथ कनेक्शन टूटने लगता है, तब हार मत मानो बल्कि खुद को रिफ्रेश करो और अपने गोल के साथ खुद को दोबारा रिकनेक्ट करो. तब जिंदगी की पिक्चर एक बार फिर क्लियर और स्मूथ चलने लगेगी.

''मजबूत रहो, सकारात्मक रहो और कभी हार मत मानो.'' – रॉय टी. बेनेट

ये कहानी आपको प्रेरित करेगी.

''एक बार एक लड़की अपने पिता के साथ कार से कहीं जा रही थी. कार लड़की चला रही थी. अचानक रास्ते में एक भयंकर तूफ़ान आया. लड़की ने कार रोकी और पिता से पूछा अब हम क्या करें?  पिता ने जवाब दिया “कार चलाती रहो”.

लड़की कार चलाने लगी. तूफ़ान में कार चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा था, तूफ़ान और भयंकर होता जा रहा था। अब मैं क्या करू? लड़की ने फिर पूछा. कार चलाती रहो, पिता ने कहा.

थोड़ा आगे जाने पर लड़की ने देखा कि रास्ते में कई वाहन तूफ़ान की वजह से रुके हुए थे. उसने फिर अपने पिता से कहा मुझे कार रोक देनी चाहिए, मैं मुश्किल से देख पा रही हूं, यह भयंकर है और प्रत्येक ने अपना वाहन रोक दिया है.

उसके पिता ने फिर निर्देशित किया, कार रोकना नहीं, बस चलाती रहो.

तूफ़ान ने बहुत ही भयंकर रूप धारण कर लिया था किन्तु लड़की ने कार चलाना नहीं छोड़ा.

और अचानक ही उसने देखा कि कुछ साफ़ दिखने लगा है. कुछ दूर आगे जाने के बाद लड़की ने देखा कि तूफ़ान थम गया और सूर्य निकल आया.

अब उसके पिता ने कहा – अब तुम कार रोक सकती हो और बाहर आ सकती हो, लड़की ने पूछा पर अब क्यों?

पिता ने कहा जब तुम बाहर आओगी तो देखोगी कि जो राह में रुक गए थे, वे अभी भी तूफ़ान में फंसे हुए हैं. चूंकि तुमने कार चलाने का प्रयत्न नहीं छोड़ा, इसीलिए तुम तूफ़ान के बाहर हो.''

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