Tuesday, 2 April 2024

 


महात्मा गांधी कहा करते थे- 'मानवता सागर की तरह है, अगर सागर की कुछ बूंदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता. खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.'

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