Saturday, 1 October 2022

बड़ी मंजिल के राहगीर, छोटे दिल नहीं रखते...

गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- धर्मक्षेत्रे, कर्मक्षेत्रे, समावेत: युयुत्सव: ! मतलब ये संसार महाभारत के कुरुक्षेत्र की भांति युद्ध का मैदान है. यहां कर्मयुद्ध तो करना ही पड़ेगा. आप चाहें या नहीं. और कोई चारा ही नहीं है. यह दुनिया ऐसी ही है. यहां कमजोरी अभिशाप है. प्रकृति भी कमजोर जीवों को जिलाए रखने के पक्ष में नहीं होती. चार्ल्स डार्विन का सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट का सिद्धांत भी यही कहता है.


सफलता का मंत्र यह कहता है कि असाधारण बनने के लिए आपको साधारण शब्द से खुद को अलग खड़ा करना होगा. देखा जाए तो जिंदगी एक रेस है, एक गेम है और हर गेम एक रिस्क है, लेकिन कहते हैं न कि रिस्क का अपना ही मजा है. आप मंजिल पर तभी पहुचेंगे जब घर से निकलेंगे. कहीं पहुंचने के लिए कहीं से निकलना सबसे पहला और जरूरी काम है. लेकिन आपका ये सफर भी यादगार हो इसके लिए यादगार माहौल बनाकर रखना होगा. इसके लिए चुनौतियों को उस अंदाज में हैंडल करना होगा कि सबसे अलग स्वाद दें.

अब सवाल ये है कि जब युद्ध के मैदान में उतरना ही है तो क्यों न अपने अंदर योद्धा की मेंटलिटी तैयार कर ली जाए. इसके लिए सब कुछ आपके एटीट्यूड पर निर्भर करेगा. जब आप नई राह पर आगे बढ़ने का फैसला कर लेंगे तो मुश्किलें तो आएंगी हीं. दुनिया का कोई भी सफल आदमी ऐसा नहीं है जिसकी राह में मुश्किलें न आई हों. बस विजेता वही होते हैं जो मुश्किलों की इस दरिया के पार पहुंचने तक अपना धैर्य नहीं खोते.

असल टैलेंट है इस दुनिया में खुद को शांत बनाए रखना, किसी भी परिस्थिति में. मशहूर उद्योगपति और मोटिवेटर जे. सी. पेनी लिखते हैं- 'मेरी जिंदगी में जितनी भी समस्याएं आईं, मैं उन सभी के लिए कृतज्ञ हूं. जब मैंने उनमें से प्रत्येक पर विजय पाई तो हर जीत के साथ मैं ज्यादा शक्तिशाली बना. और आने वाली समस्याओं से मुकाबला करने में ज्यादा सक्षम बना. मैंने जो भी प्रगति की है, अपनी मुश्किलों की बदौलत की है.'  

जब मुश्किलों का आना तय ही है तो फिर क्यों न इन मुश्किलों को सिंपल सिस्टम में ला दिया जाए. मुश्किलों को अपनी राह का रोड़ा न बनने दें. जब ये आएं तो शांत चित से उनका स्वागत करें, उन्हें समझें और फिर उनसे पार पाने के लिए जो जरूरी हो वो करें. वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता मन में इस बात का हमेशा स्मरण रखें. चुनौतियों को कई हिस्सों में बांट लें और एक-एक कर उन्हें निपटाते रहें. एक दिन सब ठीक होगा.

याद रखें- सफलता एक युद्ध है. यह आसान नहीं है. अगर आसान होता तो हर कोई नहीं कर लेता. 

लाखों-करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत मोटिवेशनल वक्ता और लेखक सोनू शर्मा कहते हैं- तीन चीजें आपका आने वाला भविष्य तय करेंगी-

1- कौन सी किताबें पढ़ते हैं

2- हमारी आंखें क्या देखती हैं

3- किन लोगों के साथ रहते हैं

लाइफ मैनेजमेंट का मंत्र याद रखें- सजग रहें, अपने सपनों की जिम्मेदारी लें. परेशानी आए तो इमानदार रहें. धन आ जाए तो सरल रहें. अधिकार मिलने पर विनम्र रहें और क्रोध आने पर शांत रहें. लेकिन अपना एटीट्यूड हमेशा बुलंदी वाला रखें. आगे बढ़ते रहें. जब भी राह मुश्किल लगे और दुनिया साथ दे न दे. तो ये लाइनें गुनगुनाते रहें... 

'इश्क में जीत कर आने के लिए काफी हूं,

मैं अकेला ही जमाने के लिए काफी हूं...

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