Sunday, 2 April 2023

आप जैसा सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं...

'यत् भावो–तत् भवति'...

अर्थात् आप जैसा सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं...



जिंदगी में हम हालात तो नहीं चुन सकते मगर अपना नजरिया तो चुन ही सकते हैं. चुनाव हमारा है. चाहे हम हालात पर विजय पाएं या हालात का शिकार बनें. हमारी स्थिति हमें नहीं, बल्कि किसी स्थिति में हम अपने आपको कैसे संभालते हैं और कैसे ढालते हैं, उसी से हमारी सफलता तय होती है.

दोस्तों, आपका जीवन किस दिशा में चलेगा या आप किस तरह की चीजों और लोगों को अपने आसपास देखना चाहेंगे ये आपके फैसलों पर निर्भर करता है. आपके आसपास अच्छा-बुरा सबकुछ घटित हो रहा है. उनमें से आप अपने लिए क्या चुनते हैं इसी से आपकी जिंदगी तय होती है, आपके आसपास के लोग तय होते हैं.

सफलता के लिए गहरी इच्छाशक्ति का होना बहुत जरूरी है. नेपोलियन हिल लिखते हैं- इंसान जो सोच सकता है और जिसमें यकीन कर सकता है वह उसे हासिल भी कर सकता है.

ये सच ही कहा गया है कि इंसान के विचार ही उसकी दुनिया का निर्माण करते हैं. आप अपने को कहां व्यवस्त रखते हैं? चुनौतीपूर्ण वक्त में आप सकारात्मक रास्ते को चुनते हैं या खुद को बिखरने देते हैं ये आप पर निर्भर करता है. दुनिया में ढेरों ऐसे लोगों के उदाहरण है कि बर्बादी के हालात में पहुंचने के बाद भी जिन्होंने कोशिशें नहीं छोड़ी और सफलता की ओर बढ़ते चले गए और दुनिया में एक मिसाल कायम की.

शिव खेड़ा लिखते हैं- 

जिंदगी एक कैफेटेरिया की तरह है. अपनी प्लेट लो, पसंद का खाना डालो और बिल चुकाओ. अगर आप पैसे देने को तैयार हैं तो वहां आपकी पसंद की कोई भी चीज मिल सकती है. किसी कैफेटेरिया में अगर आप इस बात का इंतजार करें कि वेटर आकर आपसे कुछ खाने को पूछेगा तो आप इंतजार ही करते रह जाएंगे. जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है. आप चुनाव करते जाइए और कीमत चुकाते जाइए.

हालांकि, जीवन में किसी भी काम को लगातार करना  या किसी राह पर सफलता मिलने तक बिना रुके चलते रहना इतना भी आसान नही होता है! लेकिन आप लोग निराश मत होइए क्योंकि सफलता की राह ही यही है. जो सफल हुए हैं वो इसी राह से गुजरे हैं और उन्होंने पहले खुद को विचारों के लेवल पर मजबूत बनाया, फिर अपने विचारों को अमलीजामा पहनाया और तब तक नहीं रुके जब तक जीत नहीं गए.

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