Sunday, 4 February 2024

 

बेंजामिन फ्रैंकलिन लिखते हैं- हालात कैसे भी हों, हममें से हरेक साहस, कठोर परिश्रम और होशियारी के बलबूते पर अपने जन्म की परिस्थितियों से ऊपर उठ सकता है. इसके लिए कुछ खूबियों की जरूरत होती है- आत्मनिर्भरता, अपने को लगातार परिष्कृत करना और बिना हिचके खतरे उठाना.

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कृष्ण से बड़ा कोई पूर्ण पुरुष नहीं. बचपन जिया तो ऐसा कि हरेक मां ने अपने बेटे को कन्हैया कहना शुरू कर दिया, जवानी जी तो ऐसी कि प्रेम की मिसा...