Sunday, 20 October 2024

 'किताबों ने कहा- हमें पढ़ो ताकि तुम्हारे भीतर चीजों को बदलने की बेचैनी पैदा हो सके...' 

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कृष्ण से बड़ा कोई पूर्ण पुरुष नहीं. बचपन जिया तो ऐसा कि हरेक मां ने अपने बेटे को कन्हैया कहना शुरू कर दिया, जवानी जी तो ऐसी कि प्रेम की मिसा...