'किताबों ने कहा- हमें पढ़ो ताकि तुम्हारे भीतर चीजों को बदलने की बेचैनी पैदा हो सके...'
हमारी खुशी की कुंजी हमारे पास ही है. हमारी समस्याओं का समाधान हमारे पास ही है. इसके लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं है बल्कि खुद से खुद की पहचान कराने की जरूरत है. अपने अंदर और बाहर के तार को जोड़ने की जरूरत है. आइए Happy Science के जरिए मिलकर रास्तों को तय करते हैं, मुश्किलों को आसान बनाते हैं.
Sunday, 20 October 2024
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